बवासीर, जिसे पाइल्स भी कहा जाता है,
एक प्रकार की आंतरिक या बाहरी गुदा क्षेत्र में होने वाली समस्या है।
यह नसों में सूजन और विकार के कारण होता है, जिसके परिणामस्वरूप गुदा क्षेत्र में
दर्द,
खुजली,
खून आना,
और सूजन की समस्या हो सकती है।
इसके मुख्य कारण कब्ज,
अधिक समय से बैठे रहने से,
ज्यादा दबाव डालना,
खासकर पेट में दबाव डालना
और गर्भावस्था के दौरान की चुटकुले कारण हो सकते हैं।
बवासीर (या पाइल्स) बड़ी आंतविकों के आसपास की नसों में सूजन और विकार के कारण होता है।
यह आमतौर पर पेट से संबंधित समस्याओं,
बवासीर का प्रमुख कारण खानपान और जीवनशैली से संबंधित होता है। निम्नलिखित कारकों के माध्यम से यह समस्या बढ़ सकती है:
1. कम फाइबर आहार: फाइबर युक्त आहार की कमी कब्ज को बढ़ावा देती है, जिससे बवासीर के लक्षण बढ़ सकते हैं।
2. कम पानी पीना: पानी की कमी भी कब्ज का कारण बन सकती है, जिससे बवासीर के खतरे को बढ़ा देती है।
3. तीखा और मसालेदार खाद्य: अधिक तीखा और मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन करना बवासीर के लक्षणों को बढ़ा सकता है।
4. ज्यादा बैठना: ज्यादा समय तक बैठने और पेट में दबाव डालने से बवासीर के खतरे को बढ़ावा मिलता है.
5. अल्कोहल और निकोटीन: अल्कोहल और तम्बाकू का सेवन भी बवासीर के खतरे को बढ़ा सकता है।
इसलिए स्वस्थ आहार और जीवनशैली के प्रति सतर्क रहना बवासीर से बचने में मदद कर सकता है।
बवासीर के शुरुआती लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:
1. **दर्द:** गुदा क्षेत्र में दर्द या चुभन का अहसास हो सकता है, जो आमतौर पर बैठने या डिफेकेशन (मल निकालने) के दौरान बढ़ सकता है.
2. **खून आना:** मल के साथ खून आना, जिसे मलद्वार से निकलने वाले खून की द्रव्यता कहा जाता है, बवासीर का एक सामान्य लक्षण होता है.
3. **खुजली:** गुदा क्षेत्र में खुजली का अहसास हो सकता है, जो आराम के लिए हाथ को खुजलाने की ओर प्रेरित कर सकता है.
4. **सूजन:** गुदा क्षेत्र में सूजन या फुलाव हो सकता है.
5. **अस्वाभाविक गुदा क्षेत्र के चुभन:** बवासीर के लक्षणों में गुदा क्षेत्र के चुभन का अहसास भी हो सकता है.
यदि आपको इन लक्षणों में से कुछ दिखाई देते हैं, तो चिकित्सक से सलाह और उपचार के लिए संपर्क करना जरूरी हो सकता है, ताकि समस्या को सही से निबटा जा सके।
बवासीर के अन्य लक्षण और उनके साथ जुड़े गुदा क्षेत्र की समस्याएं निम्नलिखित हो सकती हैं:
8. **गुदा क्षेत्र का बहुत गरम होना:** गुदा क्षेत्र में बहुत ज्यादा गरमी की अनुभव की समस्या हो सकती है, जिससे अनफुट (anal fissure) हो सकती है.
9. **मलद्वार के चारों ओर छाले:** अनफुट या अनुस्थान संकट के कारण, मलद्वार के चारों ओर छाले हो सकते हैं.
10. **अनियमित मल संचयन:** बवासीर के कारण, मल को बाहर निकालने में कठिनाइयाँ हो सकती हैं और मल संचयन की समस्या हो सकती है.
11. **गुदा क्षेत्र के चारों ओर सूजन:** बवासीर के कारण गुदा क्षेत्र के चारों ओर सूजन या फुलाव हो सकता है.
12. **पेट में दर्द या अस्तुला:** गंभीर बवासीर की स्थिती।
बवासीर का उपचार आपके लक्षणों की गंभीरता और प्रकृति पर निर्भर करता है। यहां कुछ उपचार के विकल्प दिए जा रहे हैं, लेकिन यह बेहद महत्वपूर्ण है कि आप अपने चिकित्सक से परामर्श लें और उनकी सलाह के अनुसार उपचार करें:
1. **आहार में फाइबर:** अपने आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों की विधिवत मात्रा में शामिल करें, जैसे कि फल, सब्जियाँ, दालें, और अनाज। फाइबर कब्ज को कम कर सकता है.
2. **पानी पीना:** पर्याप्त पानी पीना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कब्ज को कम करने में मदद कर सकता है.
3. **सांचों का इस्तेमाल:** आप बवासीर के लक्षणों को कम करने के लिए सांचों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
4. **दवाएँ:** चिकित्सक द्वारा सुझाई जाने वाली दवाओं का सेवन करें, जैसे कि जेल्स, क्रीम्स, और सुपोजिटरी दवाएँ.
5. **सर्जरी:** गंभीर बवासीर के मामलों में, चिकित्सक सर्जरी की सलाह दे सकते हैं.
6. **आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक उपचार:** कुछ लोग आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक उपचार का भी सहारा ले।
बवासीर को ठीक करने का सबसे तेज तरीका व्यक्ति के लक्षणों, स्थिति के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। यह बवासीर के प्रकार और चरण पर भी निर्भर करता है।
1. **दवाएँ:** बवासीर के शुरुआती चरण में, आपके डॉक्टर आपको दवाओं का सुझाव देंगे, जैसे कि क्रीम्स, जेल्स, और सुपोजिटरी दवाएँ. ये दवाएँ लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं.
2. **सर्जरी:** गंभीर बवासीर के मामलों में, सर्जरी का विचार किया जा सकता है।
बवासीर में मस्से (या हेमोराइड्स) गुदा क्षेत्र की नसों की सूजन और विकार के कारण निकलते हैं। ये मस्से गुदा क्षेत्र के अंदर या बाहर हो सकते हैं और वे आमतौर पर त्वचा के पास दिखाई देते हैं। बवासीर के लक्षणों में दर्द, खून आना, खुजली, और सूजन शामिल हो सकते हैं।
मस्सों का निकलना गुदा क्षेत्र की नसों में दबाव या अधिक रक्त संचयन के कारण हो सकता है, जिससे वे सूजकर या निकलकर दर्द और असुविधा का कारण बनते हैं।
बवासीर के इलाज के लिए चिकित्सक की सलाह और उपचार आवश्यक है, और वे इस समस्या को सही तरीके से ठीक करने के विभिन्न विकल्पों की सलाह देंगे।
बवासीर के मस्से किसी की शारीरिक स्थिति, लक्षणों और बवासीर के प्रकार पर निर्भर करते हैं।
बवासीर के प्रमुख प्रकार होते हैं:
1. **आंतरवाणी बवासीर (Internal Hemorrhoids):** इन मस्सों को गुदा क्षेत्र की अंदरूनी नसों के अंदर या नीचे की ओर होते हैं।
बाहर निकलने वाले मस्से कुछ लोगों को "बाहरवाली बवासीर" के रूप में पहचाना जाता है और इसे "बाहर आने वाला मस्सा" भी कहा जाता है। ये मस्से गुदा क्षेत्र की बाहरी त्वचा के पास निकलते हैं और आमतौर पर दर्द, सूजन, और खून के साथ जुदाई का कारण बनते हैं।
इन मस्सों को त्वचा के बाहर से महसूस किया जा सकता है और ये आमतौर पर बवासीर के प्रकार दो और तीन के तहत आते हैं। बवासीर के इस प्रकार के मस्सों के उपचार के लिए चिकित्सक की सलाह और उपचार की आवश्यकता होती है, और वे अक्सर दवाओं या चिकित्सक द्वारा किए जाने वाले सर्जिकल इंटरवेंशन की सलाह देंगे।
बवासीर रोग कितने प्रकार के होते हैं?
बवासीर दो प्रकार की होती है - खूनी बवासीर और बादी वाली बवासीर। खूनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते है और उनसे खून गिरता है
जबकि बादी वाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते है और मस्सों में खाज पीडा और सूजन होती है। अतिसार, संग्रहणी और बवासीर यह एक दूसरे को पैदा करने वाले होते है।
बवासीर का पहला चरण, जिसे "ग्रेड I" बवासीर भी कहा जाता है, आंतरवाणी बवासीर का सबसे प्रारंभिक चरण होता है। इस चरण में मस्से गुदा क्षेत्र की अंदरूनी नसों के आस-पास होते हैं।
बवासीर का अंतिम चरण या लास्ट स्टेज गुदा क्षेत्र की गंभीरतम स्थिति होती है, जिसे "ग्रेड IV" बवासीर भी कहा जाता है। इस स्थिति में बवासीर के मस्से बहुत बड़े होते हैं और गुदा क्षेत्र की बाहरी त्वचा के बाहर निकल जाता है
सबसे खतरनाक बवासीर, जिसे गंभीरतम रूप से लिया जाता है, आंतरवाणी बवासीर (Internal Hemorrhoids) के ग्रेड IV या चरण IV होते हैं।
इस चरण में मस्से गुदा क्षेत्र की बाहरी त्वचा के बाहर निकलते हैं और बहुत बड़े होते हैं।
इसके साथ दर्द, सूजन, खून।
बवासीर ठीक हो सकता है
लेकिन यह उसके गंभीरता स्तर,
उम्र, और उपचार के प्रकार पर निर्भर करेगा।
बवासीर के प्रारंभिक चरणों में आसानी से इलाज किया जा सकता है,
जबकि गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
अगर आपको बवासीर के लक्षण हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह ले।
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