- नेचुरल ऑयल से करें स्किन को मॉश्चराइज: सर्दी में स्किन को मॉश्चराइज करने के लिए ऑयल का इस्तेमाल बेस्ट है। ...
- सर्दी में भी दो लीटर पानी जरूर पीएं: ...
- चेहरे को गर्म पानी से नहीं वॉश करें: ...
- स्किन की सफाई जरूर करें:
- विटामिन ई युक्त मॉइश्चराइजर ठंड के मौसम में रूखी त्वचा से बचने के लिए विटामिन ई युक्त मॉइश्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए. ...
- माइल्ड स्क्रब ...
- नारियल तेल .....
- दूध का इस्तेमाल ...
- खूब पीएं पानी
- सर्दियों के मौसम में रूखी त्वचा की परेशानी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है ग्लिसरीन का इस्तेमाल करना. इसके इस्तेमाल से ठंड में होने वाली रुखी त्वचा की परेशानी बिल्कुल गायब हो जाती है. जानें कैसे इस्तेमाल करें. इस्तेमाल का तरीका : अपने चेहरे को धोकर हल्का-सा पोंछ
- शहद, दूध और हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं या बेसन का पेस्ट बनाकर उसमें शहद और हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं. ये पेस्ट चेहरे को नम रखने के साथ साथ ड्राईनेस को दूर कर सकता है. ठंड ज्यादा हो तो स्किन पर कोई लोशन और क्रीम खास कारगर नजर नहीं आते. ऐसे में नेचुरल लोशन्स को यूज करना ज्यादा फायदेमंद है.
- शहद और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिलाकर फेस पर लगा लें सूखने पर धो लें, चेहरा निखर जाएगा
- मसूर दाल का पाउडर लें औऱ इसमें दूध मिला लें इस पेस्ट को फेस पर लगा लें सूखने पर धो लें, डेड स्किन निकल जाएगी
- केसर से स्किन का कलर साफ होता है
ठंडी में त्वचा क्यों रूखी और सूखी हो जाती है, इसके कई कारण हो सकते हैं:
1. **कम Moisture:** ठंडी में वातावरण कम moisture रखता है, जिससे त्वचा की प्राकृतिक moisture की कमी हो सकती है.
2. **गर्म पानी का उपयोग:** अधिक गर्म पानी का उपयोग या गर्म पानी के नहाने से त्वचा की moisture छलक सकती है, जिससे रूखापन और सूखापन हो सकता है.
3. **अधिक सर्दी के मौसम में त्वचा की रक्षा:** सर्दी के मौसम में, बढ़ती सर्दी के कारण त्वचा की रक्षा कमजोर हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप यह रूखी और सूखी हो सकती है.
4. **कम Moisturizer का उपयोग:** सर्दियों में अधिक moisture वाले moisturizer का उपयोग न करना त्वचा की moisture की कमी कर सकता है.
5. **पानी की कमी:** सर्दी के मौसम में, हम अक्सर कम पानी पीते हैं, जिससे त्वचा की moisture की कमी हो सकती है.
इस समस्या से बचाव के लिए, आपको अधिक moisture वाले moisturizer का उपयोग करना, अधिक पानी पीना, गर्म नहाने का सेर में ध्यान देना, और त्वचा की अच्छी देखभाल करना महत्वपूर्ण होता है।
त्वचा की ठंडी और सूखापन के कई कारण हो सकते हैं, खासकर सर्दियों में. यहां कुछ मुख्य कारण दिए जा रहे हैं:
1. **अधिक सर्दी का प्रभाव:** सर्दियों में ठंडी और बढ़ती हुई हवा की कमी होती है, जिससे त्वचा की moisture छलक सकती है.
2. **गर्म पानी का अधिक उपयोग:** अधिक गर्म पानी का उपयोग और गर्म पानी से नहाना
3. **उपयोग के बिना त्वचा की देखभाल:** सर्दियों में त्वचा की अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। अधिक moisture वाले moisturizer का उपयोग, गर्म कपड़ों का पहनना और त्वचा की सुरक्षा के लिए कवर का उपयोग करना मदद कर सकता है.
4. **पानी की कमी:** सर्दियों में, हम अक्सर कम पानी पीते हैं, जिससे त्वचा की moisture की कमी हो सकती है.
त्वचा की रूखापन और सूखापन के लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:
1. **त्वचा की रूखापन:** त्वचा खराब हो जाती है और रूखी होती है. यह खराबी किसी विशेष क्षेत्र पर हो सकती है या पूरे शरीर में दिखाई दे सकती है.
2. **सूखे होने का अहसास:** त्वचा सूखने की वजह से आपको त्वचा में सूखापन का अहसास हो सकता है.
3. **खुजली या त्वचा की चुभन:** सूखी त्वचा किसी को खुजलाने की भावना दिला सकती है और त्वचा की चुभन हो सकती है.
4. **त्वचा की खराबी:** त्वचा की रूखापन के कारण छालों की खराबी हो सकती है और त्वचा पर छाले बन सकते हैं.
5. **त्वचा के लालिमा या फिसलन:** सूखी त्वचा किसी को लालिमा या त्वचा के फिसलन की समस्या कर सकती है.
यदि आपको यह लक्षण दिखाई देते हैं और यह समस्या बनी रहती है, तो त्वचा की देखभाल करने के उपायों का पालन करना और आवश्यकता हो तो एक चिकित्सक से परामर्श करना महत्वपूर्ण हो सकता है।
त्वचा को हर दिन कितनी बार धोना चाहिए, यह आपके व्यक्तिगत आवश्यकताओं और दैनिक गतिविधियों पर निर्भर करेगा। सामान्य रूप से, एक दिन में दो बार यानी सुबह और शाम को नहाना सुनिश्चित तरीके से काफी होता है।
हालांकि, अगर आप अधिक श्रमिक या बहुत पसीना बहाने वाले काम करते हैं, तो आपको अधिक बार नहाने की आवश्यकता हो सकती है। विशेष अवसरों पर भी, जैसे कि ज्यादा धूल-मिट्टी वाले जगहों पर जाने पर, आपको अधिक बार नहाना जरूरी हो सकता है।
समान्य त्वचा देखभाल के लिए, दो बार नहाना आमतौर पर पर्याप्त होता है,
धूल का स्पष्ट और दिलचस्प प्रभाव विभिन्न प्रकार की होते हैं, और इसका असर व्यक्ति की स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। निम्नलिखित कुछ प्रमुख प्रभाव हो सकते हैं:
1. **श्वसन संबंधित समस्याएँ:** धूल की अधिकता वायुमंडल में कणों का प्रकोप कर सकती है, जिससे अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधित समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं.
2. **त्वचा समस्याएँ:** धूल का प्रमुख प्रभाव हो सकता है त्वचा पर, जैसे कि त्वचा के फिसलन, रूखापन,
3. **विश्वासी समस्याएँ:** धूल निकलने वाले कण विश्वासी समस्याओं का कारण बन सकते हैं, जैसे कि कणों के द्रव्यमंडल में विश्वासीता बनाने वाले किड़े, जैसे कि सिलिकोसिस।
4. **प्रदूषण के प्रभाव:** धूल और प्रदूषण का मिश्रण वायरल इंफेक्शन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बड़ी समस्या बन सकता है.
5. **सार्थकता के प्रभाव:** धूल के बढ़ते हुए स्तरों का स्थायी बढ़ता है और यह पूरे पारिस्थितिकी तंतु और वनस्पतियों के लिए क्षतिकारक हो सकता है.
इन प्रभावों से बचाव के लिए स्वच्छता की देखभाल और वायरल मास्क का उपयोग आवश्यक हो सकता है, खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहाँ धूल और प्रदूषण की मात्रा अधिक होती है।
धूल और प्रदूषण से त्वचा को बचाने के लिए निम्नलिखित उपायों का पालन कर सकते हैं:
1. **मास्क पहनें:** धूल और प्रदूषण के प्रभाव से बचाव के लिए आपको वायरल मास्क पहनना फायदेमंद हो सकता है, खासकर जब आप धूली और प्रदूषण से भरपूर क्षेत्रों में बाहर जाते हैं.
2. **अच्छी तरह से स्वच्छता करें:** बाहर से वापस आने के बाद धूल और प्रदूषण को दूर करने के लिए अच्छी तरह से नहाएं और त्वचा को साफ करें.
3. **ह्यूमिडीफायर का उपयोग:** घर में ह्यूमिडीफायर का उपयोग करें ताकि वायरल तंतु नष्ट हो सके और त्वचा की moisture बनी रह सके.
4. **स्किन केयर:** धूल और प्रदूषण के प्रभाव से बचाव के लिए स्किन केयर के उत्पादों का उपयोग करें, जैसे कि मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन.
5. **सही आहार:** खानपान में प्रोटीन, विटामिन, और मिनरल युक्त आहार का सेवन करें ताकि त्वचा को रोजगार करने के लिए उपयुक्त पोषण मिले.
6. **जल संपीड़न:** त्वचा को अधिक moisture देने के लिए अधिक पानी पिएं और नहाने के बाद moisturizer का उपयोग करें.
7. **अधिक बार नहाएं:** धूली और प्रदूषण के उपरांत त्वचा को अधिक बार नहाना सही नहीं होता है, क्योंकि यह त्वचा की moisture को छीन सकता है।
यदि आपकी त्वचा प्रदूषण के कारण खराब हो जाती है, तो एक चिकित्सक या त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श ल
धूप का समय त्वचा पर कुछ सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है:
सकारात्मक प्रभाव:
1. **विटामिन डी की उत्पत्ति:** सूरज के प्रकारिकी बाल की वजह से, त्वचा में विटामिन डी उत्पन्न होता है, जो स्वास्थ्य और त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है.
2. **गरमियों में त्वचा की स्वस्थ चमक:** धूप के प्रभाव से, त्वचा में एक स्वस्थ चमक आ सकती है, और यह स्वास्थ्य प्रमाणिकता का संकेत हो सकता है.
नकारात्मक प्रभाव:
1. **तनाव और झुर्रियां:** धूप के अधिक अवश्यक तनाव के कारण, त्वचा पर झुर्रियां बढ़ सकती हैं.
2. **त्वचा का बदलना:** धूप के अधिक प्रभाव से त्वचा का रंग बदल सकता है और सूखा जा सकता है.
3. **चमकते दाग और त्वचा की चोटें:** धूप से त्वचा पर चमकते दाग और चोटें हो सकती हैं.
4. **जलन और सूजन:** धूप के कारण, त्वचा पर जलन और सूजन हो सकती है.
धूप के प्रभावों से बचाव के लिए, आपको सुरक्षित धूप में बाहर जाने के साथ स्वच्छता के उपायों का पालन करना चाहिए, जैसे कि सनस्क्रीन का उपयोग, वस्त्र के आवश्यकतानुसार पहनना, और पर्याप्त पानी पीना।
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ठंड में स्किन की देखभाल